पूजा में किस देवी-देवता को लगाएं कौन-सा तिलक? जानिए धार्मिक महत्व और नियम
हिंदू धर्म में पूजा-अर्चना और मांगलिक कार्यों के दौरान देवी-देवताओं को तिलक लगाना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। माथे के मध्य भाग को आज्ञा चक्र यानी ऊर्जा और चेतना का केंद्र माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही देवी-देवता को उनका प्रिय तिलक अर्पित करने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
| देवी-देवता | प्रिय तिलक | धार्मिक महत्व एवं लाभ |
| भगवान गणेश | लाल सिंदूर | विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं; बुद्धि और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। |
| भगवान शिव | भस्म या सफेद चंदन | त्रिपुंड लगाने से मानसिक शांति, मोक्ष और महादेव की विशेष कृपा मिलती है। |
| भगवान विष्णु | पीला चंदन / गोपी चंदन | नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति का वास होता है। |
| हनुमान जी | सिंदूर और चमेली का तेल | जीवन के सभी संकट कटते हैं और भय से मुक्ति मिलती है। |
| सूर्य देव | लाल चंदन या रोली | मान-सम्मान, करियर और व्यापार में उन्नति प्राप्त होती है। |
| शनि देव | भस्म या काला चंदन | शनि दोष और साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है; स्थिरता आती है। |
| मां दुर्गा / लक्ष्मी / सरस्वती | रोली या लाल कुमकुम/सिंदूर | अखंड सौभाग्य, धन, विद्या और ऐश्वर्य का आशीर्वाद मिलता है। |
तिलक लगाते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- पूजा में हमेशा अनामिका (Ring finger) या अंगूठे का उपयोग करके ही देवी-देवताओं को तिलक लगाएं।
- तिलक हमेशा शांत मन और शुद्ध भाव से अर्पित करें।
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