झारखंड में छात्र आंदोलन हिंसक, बैरिकेड तोड़ने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज; BJP का आज ‘झारखंड बंद’
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया। विधानसभा की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले पानी की बौछार की और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। स्थिति नहीं संभलने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार को हुई झड़प में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। अब पुलिस प्रदर्शन के दौरान की CCTV फुटेज खंगालकर उन लोगों की पहचान करेगी, जिन्हें अधिकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाधा डालने वाला बताया है।
CCTV फुटेज से होगी प्रदर्शनकारियों की पहचान
रांची के SSP राकेश रंजन ने कहा कि पुलिस विधानसभा और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जिन्होंने कथित तौर पर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित किया।
SSP के अनुसार, विधानसभा के आसपास प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड पार कर लिए थे। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को स्थिति संभालने के लिए किया गया हल्का लाठीचार्ज बताया।
पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बैरिकेड तोड़े जाने के बाद हालात बिगड़े और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP का झारखंड बंद
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को झारखंड बंद का आह्वान किया है। पार्टी के मुताबिक, बंद सुबह 8 बजे से आधी रात तक रहेगा। BJP ने आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखने की बात कही है।
BJP के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि सोमवार की कार्रवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारी घायल हुए और कई छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि JMM के नेतृत्व वाली राज्य सरकार छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को तानाशाही करार देते हुए छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग रोकने की मांग की।
हेमंत सोरेन की छात्रों से अपील- शांतिपूर्ण रखें आंदोलन
वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने छात्रों से राजनीतिक ताकतों के बहकावे में न आने की भी अपील की।
सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को समझती है और उन्हें अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों और शिकायतों की पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के कुछ नेताओं पर आंदोलन को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने और माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
18वें दिन पहुंचा छात्रों का आंदोलन
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गया है।
छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी शिकायतों का समाधान शामिल है।
सोमवार की झड़प के बाद यह आंदोलन अब सिर्फ छात्रों और सरकार के बीच का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसके राजनीतिक रंग लेने के भी संकेत मिल रहे हैं। एक ओर BJP ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में बंद का ऐलान किया है, वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की है।
अब सबकी नजर मंगलवार को प्रस्तावित झारखंड बंद और सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर आगे उठाए जाने वाले कदमों पर है।
