यूपी चुनाव में करणी सेना की एंट्री, 50 से 70 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार; 11 जिलों से निकलेगी रथ यात्रा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। अब करणी सेना ने भी चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने कहा है कि करणी सेना उत्तर प्रदेश में 50 से 70 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।
सूरजपाल सिंह अम्मू ने एक बैठक के दौरान कहा कि संगठन ने चुनाव को लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। करणी सेना के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और संगठन से नए लोगों को जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
50 से 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
करणी सेना का फोकस उत्तर प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने पर है। संगठन का कहना है कि चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटों पर मजबूती के साथ उम्मीदवार उतारकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई जाएगी।
अम्मू ने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में जुटने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की अपील की है।
11 जिलों से निकलेगी रथ यात्रा
करणी सेना की ओर से उत्तर प्रदेश के 11 जिलों से रथ यात्रा निकालने की भी तैयारी की जा रही है। इन यात्राओं का समापन अयोध्या में किए जाने की योजना है।
संगठन के मुताबिक अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, बिजनौर, मुरादाबाद और बनारस समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कई जिलों से रथ यात्राएं निकाली जाएंगी।
इन यात्राओं के जरिए संगठन गांव-गांव तक पहुंचने और लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करेगा। बैठक में रथ यात्रा को सफल बनाने के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
डॉ. सुनीता मिश्रा को समर्थन
करणी सेना ने स्नातक चुनाव में डॉ. सुनीता मिश्रा को समर्थन देने का भी फैसला किया है। सूरजपाल सिंह अम्मू के मुताबिक, संगठन हर जिले की विधानसभा में जाकर मतदाताओं से संपर्क करेगा और डॉ. सुनीता मिश्रा के पक्ष में ज्यादा से ज्यादा समर्थन जुटाने का प्रयास करेगा।
अम्मू ने कहा कि जनता के हाथ में चुनाव के जरिए अपनी ताकत दिखाने का बड़ा मौका होता है।
बीजेपी पर भी साधा निशाना
सूरजपाल सिंह अम्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी ईमानदार हैं, लेकिन उनके आसपास के लोग भ्रष्ट हैं।
अम्मू ने यह भी बताया कि वह करीब 37 साल तक बीजेपी के साथ रहे थे। हालांकि, वर्ष 2024 में उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया।
अब करणी सेना के 50 से 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद यूपी की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अगर संगठन बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतारता है, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका कितना राजनीतिक असर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
