रांची: JPSC, JSSC CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। मार्च को लेकर रांची जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे से पहले रांची स्थित पुरानी विधानसभा के गेट पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। सभी छात्र पहले पुरानी विधानसभा के पास जमा होंगे और इसके बाद सुबह करीब 11 बजे नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च करेंगे।
पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की दूरी करीब चार किलोमीटर है। हालांकि, प्रशासन ने मार्च को जगन्नाथ मंदिर चौक से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। यहां बैरिकेडिंग की जाएगी। पुरानी विधानसभा से जगन्नाथ मंदिर चौक की दूरी करीब दो किलोमीटर है।
700 पुलिसकर्मियों की तैनाती
मार्च को देखते हुए पूरे रूट पर भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, पूरे रूट और विधानसभा परिसर की निगरानी के लिए जिले के 4 IPS अधिकारियों को तैनात किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था में करीब 10 DSP, 2 दर्जन इंस्पेक्टर, 100 दारोगा और लगभग 700 पुलिसकर्मी लगाए जाएंगे। इसके अलावा पूरे इलाके की निगरानी CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए भी की जाएगी।
विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में प्रतिबंध
आंदोलन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने नए विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है।
इसके तहत निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन, जुलूस और रैली पर रोक रहेगी। साथ ही बिना अनुमति के पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने किया मार्च का आह्वान
छात्र संगठनों का कहना है कि JPSC, JSSC CGL और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर यह मार्च आयोजित किया जा रहा है।
JPSC-JSSC अभ्यर्थी रिफॉर्म मंच, JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच समेत विभिन्न छात्र संगठनों ने विधानसभा मार्च का आह्वान किया है।
इस बीच बीजेपी ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। ऐसे में 10 अगस्त को रांची में होने वाला यह छात्र मार्च राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि 10 अगस्त को छात्र मार्च किस तरह आगे बढ़ता है और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
